सीने में दर्द लेकर अस्पताल पहुंचा युवक, दो घंटे बाद अचानक गिरा और मौत; परिजनों के इलाज में देरी के आरोप

हिमाचल प्रदेश के ऊना में क्षेत्रीय अस्पताल में सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक की अचानक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक करीब दो घंटे...

सीने में दर्द लेकर अस्पताल पहुंचा युवक, दो घंटे बाद अचानक गिरा और मौत; परिजनों के इलाज में देरी के आरोप

सीने में दर्द लेकर अस्पताल पहुंचा युवक, दो घंटे बाद अचानक गिरा और मौत; परिजनों के इलाज में देरी के आरोप

हिमाचल प्रदेश के ऊना में क्षेत्रीय अस्पताल में सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक की अचानक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि युवक करीब दो घंटे तक इलाज के लिए गुहार लगाता रहा, लेकिन उसे इंतजार करने के लिए कहा जाता रहा। बाद में उसकी तबीयत बिगड़ी और वह अस्पताल परिसर में गिर पड़ा। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और मामले की जांच की मांग की। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में बुधवार सुबह एक ऐसी घटना सामने आई, जिसने अस्पताल की व्यवस्था और मरीजों को समय पर उपचार मिलने को लेकर सवाल खड़े कर दिए। सीने में दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे एक युवक की इलाज के इंतजार के दौरान अचानक मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे और उन्होंने अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में कथित देरी का आरोप लगाया है। सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचा था युवक परिजनों के अनुसार युवक बुधवार सुबह सीने में दर्द की शिकायत लेकर क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंचा था। उनका दावा है कि युवक की हालत ठीक नहीं थी और वह लगातार इलाज कराने की गुहार लगाता रहा। परिजनों का आरोप है कि युवक ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ से कई बार अपनी परेशानी बताई, लेकिन उसे तत्काल उपचार देने के बजाय इंतजार करने के लिए कहा जाता रहा। करीब दो घंटे तक इलाज का इंतजार परिजनों का कहना है कि युवक करीब दो घंटे तक इलाज मिलने का इंतजार करता रहा। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। वह अस्पताल परिसर में ही गिर पड़ा। युवक के अचानक गिरने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। मौत के बाद अस्पताल के बाहर प्रदर्शन युवक की मौत की खबर से परिजनों और साथ आए लोगों में गुस्सा फैल गया। उन्होंने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अगर युवक को समय रहते उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।