कैंसर के इलाज की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त, हिमाचल के 32 हजार मरीजों को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार ने कैंसर इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। अब तक इन दवाओं पर पांच प्रतिशत आय...

कैंसर के इलाज की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त, हिमाचल के 32 हजार मरीजों को मिलेगा लाभ

कैंसर के इलाज की 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी समाप्त, हिमाचल के 32 हजार मरीजों को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार ने कैंसर इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी है। अब तक इन दवाओं पर पांच प्रतिशत आयात शुल्क लगता था। इसके साथ ही सात दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए विदेश से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड को भी टैक्स फ्री कर दिया गया है। इस फैसले से कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों व उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार के इस निर्णय से खासतौर पर हीमोफिलिया, एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं सस्ती होंगी। हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में करीब 32 हजार कैंसर मरीज हैं, जबकि हर वर्ष नौ से 11 हजार नए मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में दवाओं के सस्ते होने से प्रदेश के मरीजों और उनके परिजनों पर पडऩे वाला आर्थिक बोझ कम होगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के सस्ते होने से न सिर्फ इलाज सुलभ होगा, बल्कि मरीज इलाज बीच में छोडऩे को मजबूर नहीं होंगे।

आईजीएमसी शिमला स्थित कैंसर अस्पताल के विभागाध्यक्ष डा. मनीष गुप्ता ने कहा कि कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी की कई दवाएं विदेशों से आयात की जाती हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट सूची नहीं मिली है कि किन-किन दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म की गई है, लेकिन जैसे ही सूची सामने आएगी, इसका आकलन किया जा सकेगा। यदि अधिकतर महंगी और नियमित इस्तेमाल होने वाली कैंसर दवाएं इस दायरे में आती हैं, तो इलाज की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी और मरीजों को फायदा होगा।