डाक्टर हड़ताल पर, अस्पताल में मरीज परेशान

चंबा में दूसरे दिन भी नहीं हुआ इलाज, बैरंग लौटे रोगी इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला में चिकित्सक व मरीज के बीच हाथापाई के बाद चिकित्सक की सेवाएं स...

डाक्टर हड़ताल पर, अस्पताल में मरीज परेशान

डाक्टर हड़ताल पर, अस्पताल में मरीज परेशान

चंबा में दूसरे दिन भी नहीं हुआ इलाज, बैरंग लौटे रोगी

इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज शिमला में चिकित्सक व मरीज के बीच हाथापाई के बाद चिकित्सक की सेवाएं समाप्त करने के विरोध में रेजिडेंट चिकित्सकों के साथ मेडिकल आफिसर एसोसिएशन के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से शनिवार को दूसरे दिन भी जिला के विभिन्न अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों में ओपीडी सेवाएं बंद रहने से मरीजों का मर्ज दोगुना होकर रह गया। ओपीडी में चिकित्सक की गैर मौजदूगी के चलते अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार हेतु पहुंचे मरीजों को बेरंग वापिस लौटना पड़ा। हालांकि आपातकालीन सेवाएं ‘इमरजेंसी ओपीडी’ 24 घंटे चालू रहीं। इसमें केवल गंभीर एवं आपात स्थिति वाले मरीजों को ही देखा गया।

IGMC शिमला परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने एवं ट्रायल की गंभीर घटना हुई घटित 

हिमाचल प्रदेश मेडिकल आफिसर्ज एसोसिएशन चंबा ने मांग उठाई है कि डा. राघव के विरुद्ध जारी टर्मिनेशन आर्डर को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। आईजीएमसी शिमला परिसर के भीतर भीड़ द्वारा डराने-धमकाने एवं ट्रायल की एक गंभीर घटना घटित हुई, जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ तथा अस्पताल के सामान्य संचालन में बाधा आई। कथित रूप से भीड़ ने डा. राघव को जान से मारने की धमकी दी गई तथा उन्हें ड्यूटी छोडऩे के लिए बाध्य करने की बात कही गई। इसके लिए बीएनएस की उपायुक्त धारा के तहत मामला दर्ज किया जाए।

चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों की बढ़ी परेशानी

आईजीएमसी शिमला सहित समस्त हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में पहले से चिन्हित सीसीटीवी कवरेज की कमियों एवं खामियों को तत्काल दूर किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बहरहाल, जिला के विभिन्न अस्पतालों व स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सकों के हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।