हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) ने प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए सोमवार से जागरूक...
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं का भ्रम दूर करेगा बिजली बोर्ड
हिमाचल प्रदेश स्टेट इलैक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (एचपीएसईबीएल) ने प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए सोमवार से जागरूकता अभियान शुरू हो गया है। 23 फरवरी तक पूरे 15 दिन स्मार्ट मीटर के फायदों और उसके इस्तेमाल करने के बारे में बिजली बोर्ड लोगों को बताने वाला है। पखवाड़े की शुरुआत पब्लिक इंटरेक्शन कार्यक्रम के तहत विद्युत वृत शिमला में डीएवी स्कूल, न्यू शिमला से की गई। कार्यक्रम में बोर्ड के सलाहकार अनुराग पराशर ने उपस्थित अध्यापकों, उपभोक्ताओं, अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर नई तकनीक है, इसलिए उपभोक्ताओं में इसके प्रति शंकाएं होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का दायित्व है कि वह आम उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जुड़ी सही, पूर्ण और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बोर्ड का उद्देश्य किसी भ्रम को बढ़ाना नहीं, बल्कि तथ्यों के साथ उपभोक्ताओं को जागरूक करना है। अनुराग पराशर ने बताया कि 15 दिनों तक चलने वाले इस विशेष जागरूकता अभियान के दौरान प्रदेश के सभी विद्युत उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के लाभ, कार्यप्रणाली और भविष्य की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों का सबसे बड़ा लाभ उपभोक्ताओं को मिलता है, क्योंकि इससे सटीक और पारदर्शी बिलिंग के साथ-साथ बेहतर और प्रभावी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती है। बैठक में जानकारी दी गई कि स्मार्ट मीटर डिजिटल बिजली मीटर होते हैं, जो वास्तविक समय में बिजली की खपत को मापते हैं। इससे पावर फैक्टर, वोल्टेज, मैक्सिमम डिमांड, ऊर्जा खपत, पावर कट जैसी सूचनाएं सटीक रूप से प्राप्त होती हैं।
इस तकनीकी डाटा से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ होगा, बल्कि बोर्ड को भी उपभोक्ता हित में भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने स्मार्ट मीटर से जुड़ी भविष्य की सुविधाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आने वाले समय में समय आधारित टैरिफ (टाइम बेस्ड टैरिफ) लागू किया जा सकता है, जिससे उपभोक्ता जिस समय बिजली का उपयोग करेगा, उसी समय की दर के अनुसार बिल देय होगा। यह सुविधा केवल स्मार्ट मीटर के माध्यम से ही संभव है। इसके अलावा प्री-पेड विकल्प चुनने पर उपभोक्ताओं को 1.5 प्रतिशत तक ऊर्जा शुल्क में छूट का लाभ भी मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट मीटर उपलब्ध करवाने वाली संस्था अपूर्वा के प्रतिनिधि बीरू सिंह ने विस्तृत प्रस्तुति देकर उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान किया, जबकि किम्बल संस्था के प्रतिनिधि कुलदीप ने भी अपनी प्रस्तुति रखी। विद्युत उप-मंडल खलिणी के सहायक अभियंता ईं. रविन्द्र ठाकुर ने उपभोक्ताओं की शंकाओं पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के आयोजन के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश चंदेल ने बोर्ड का आभार जताया।