मटर के औसतन दाम मिलने पर किसान मायूस

जुन्गा तहसील के सिरमौर की सीमा के साथ क्षेत्रों से पहाड़ी मटर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में पहूंचना आरंभ हो गया है। किसानों को मटर के औसतन दाम मिल रहे...

मटर के औसतन दाम मिलने पर किसान मायूस

मटर के औसतन दाम मिलने पर किसान मायूस

जुन्गा तहसील के सिरमौर की सीमा के साथ क्षेत्रों से पहाड़ी मटर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में पहूंचना आरंभ हो गया है। किसानों को मटर के औसतन दाम मिल रहे हैं। किसानों के अनुसार प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सोलन में अच्छी क्वालिटी का मटर केवल 28 रूपये प्रतिग्राम बिका। जबकि बीते वर्ष सोलन व ढली सब्जी मंडी में मटर का दाम औसतन 40 से 45 रुपए प्रति किलोग्राम था। किसानों का कहना है कि यदि मटर के दाम मेे बढ़ोतरी नहीं हुई तो इस वर्ष मटर के बीज की कीमत भी निकल पाएगी। इस बार सर्दियों में कम बारिश होने के चलते मटर की फसल प्रभावित हुई है। जुन्गा क्षेत्र की अधिकांश पंचायतों से मटर प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी सोलन में भेजा जाता है।

क्षेत्र में इन दिनों मटर का सीजन पीक पर है। प्रगतिशील किसान दयाराम वर्मा और दौलत राम मेहता ने बताया कि सर्दियों में इस वर्ष कम बारिश होने से मटर की फसल की पैदावार औसतन हुई है। मटर की फसल इस बार तय समय से करीब एक पखवाड़ा पहले तैयार हो गई थी। विनोद कुमार आढ़ती का कहना है कि मंगलवार को भी बीते कुछ दिनों से चल रहे मटर के दाम स्थिर रहे हैं। शिमला व सिरमौर क्षेत्र का मटर 25 से 28 रुपए प्रति किलोग्राम बिका। जबकि कुछ दिन पहले रेट 30 रुपए तक था। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने से मटर की फलियां का रंग सफेद हो गया है। जिससे किसानों को अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैें।

कम मिल रहे दाम
जुन्गा क्षेत्र के ड्राइवर संदेश कुमार ने बताया कि वह हर वर्ष पीरन, सतलाई और बलोग पंचायत से मटर इत्यादि सब्जियों का ढुलान करते हैं परंतु इस बार मटर का मंडियों में रेट काफी कम हैं। गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मटर की फसल कुछ कम हुई है। हर वर्ष मार्च व अप्रैल के प्रथम सप्ताह में जुन्गा क्षेत्र में मटर की पहली फसल निकलना आरंभ होती है। इसके उपरांत टमाटर, शिमला मिर्च, फ्रांसबीन का सीजन आरंभ हो जाएगा।