हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कमरों की कमी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने समाधान की दिशा में कद...
एक कमरे में नहीं चलेंगी अब पांच-पांच कक्षाएं, सरकारी स्कूलों के बनेंगे नए भवन
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कमरों की कमी का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने समाधान की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने शिक्षा निदेशालय से ऐसे स्कूलों का प्रस्ताव मांगा है, जहां विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, लेकिन कक्षाएं चलाने के लिए पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं हैं। इन स्कूलों में नए भवन बनाने और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। वहीं, जब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक अधिक नामांकन वाले स्कूलों के आसपास किराये पर कमरे लेकर विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध करवाने की योजना है। शिक्षा विभाग इन स्कूलों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आगामी प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड (पीएबी) की बैठक में अतिरिक्त बजट की मांग भी रखेगा।
शिक्षा मंत्री ने विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप कक्षाएं चलाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध करवाना है, ताकि एक ही कमरे में कई कक्षाओं को संचालित करने की मजबूरी से राहत मिल सके। शिक्षा मंत्री ने विभाग को इस दिशा में आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में भवनों और कक्षाओं की उपलब्धता का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यू-डाइस के आंकड़ों के अनुसार राज्य में 470 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें केवल एक-एक कमरा है। इनमें 282 प्राथमिक, 181 मिडिल, पांच हाई और दो वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शामिल हैं।