अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि में इजाफा, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन राज्य सरकार ने अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना में आवश्यक संशोधन करते...
अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि में इजाफा, इंटरकास्ट मैरिज पर अब मिलेंगे दो लाख
अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि में इजाफा, सरकार ने जारी की नोटिफिकेशन
राज्य सरकार ने अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना में आवश्यक संशोधन करते हुए आर्थिक सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इस संदर्भ में नोटिफिकेशन भी कर दी गई है। पात्रों को एज प्रूफ के रूप में पंचायत से जारी प्रमाणपत्र या फिर मैट्रिक का सर्टिफिकेट आवेदन के साथ संलग्र करना अनिवार्य है। राज्य सरकार ने छुआछूत की प्रथा को दूर करने के उद्देश्य से अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र दंपति को विवाह उपरांत 50 हजार दिए जाने का प्रावधान किया गया था। राज्य की सुक्खू सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। इसमें सामान्य जाति के युवक-युवतियां, अनुसूचित जाति के युवक व युवतियों से कानूनी तौर पर विवाह करने के बाद पुरस्कार प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। निर्धारित मापदंडों के अनुरूप दंपत्ति का हिमाचल का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
तय मापदंड पूरा करने पर पात्र दंपति को विभाग की तरफ से जारी की जाएगी सहायता राशि
आवेदन सामान्य वर्ग के युवक या युवती को करना होगा। पात्र दंपत्ति को निर्धारित प्रपत्र पर आवेदन करने के साथ आयु, जाति, हिमाचली प्रमाणपत्र व विवाह पंजीकरण अधिकारी से विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, आधारकार्ड, राशनकार्ड की छाया प्रति और संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान द्वारा जारी मधुर संबंध रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। पात्रता के लिए युवक की आयु 21 वर्ष और युवती की आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्र निर्धारित प्रपत्र पर भरकर अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत मिलने वाली राशि के लिए आवेदन कर सकते हैं। रमेश बंसल, जिला कल्याण अधिकारी, बिलासपुर ने बताया कि राज्य सरकार ने अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना की राशि को 50 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दिया है। नोटिफिकेशन जारी हो चुकी है। तय मापदंड पूरा करने पर पात्र दंपति को विभाग की तरफ से सहायता राशि जारी की जाएगी।
पहले पुरस्कार नहीं लिया, देना होगा शपथपत्र
पात्र दंपति को आवेदन पत्र के साथ राजस्व अधिकारी (जो नायब तहसीलदार के पद से कम न हो) से जारी हिमाचली प्रमाणपत्र संलग्र करना होगा। इसके साथ राजस्व अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाणपत्र, आयु का प्रमाणपत्र , विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र, दंपति का फोटोग्राफ संलग्र करना होगा। इसके अलावा प्रार्थी को एक शपथ पत्र भी देना होगा कि उसने पहले यह पुरस्कार प्राप्त नहीं किया है। संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। इस रिपोर्ट के बाद ही प्रार्थी को अंतरजातीय विवाह पुरस्कार योजना के तहत सहायता राशि स्वीकृत करने की सिफारिश की जाएगी।