चंबा। तीसा मार्ग पर वन विभाग ने साढ़े तीन क्विंटल कशमल पकड़ी थी, उसे किसने उखाड़ा और संबंधित जंगल का अभी तक विभाग पता नहीं लगा पाया है। इतना ही नहीं,...
जंगल की जमीन खोद कर निकाल ली कशमल और साेते रहे कर्मचारी
चंबा। तीसा मार्ग पर वन विभाग ने साढ़े तीन क्विंटल कशमल पकड़ी थी, उसे किसने उखाड़ा और संबंधित जंगल का अभी तक विभाग पता नहीं लगा पाया है।
इतना ही नहीं, मसरूंड वन परिक्षेत्र के अधीन आने वाले जंगल में इस कशमल को उखाड़ा गया तो ऐसे में अभी तक विभाग ने संबंधित वन रक्षक और वन खंड अधिकारी से भी जवाबतलबी नहीं की है। आमतौर पर विभाग जब किसी लावारिस वन संपदा को पकड़ता है तो सबसे पहले जहां से उस वन संपदा को निकाला गया है उसका पता लगाया जाता है। उसके बाद संबंधित वन रक्षक से इस मामले में जवाबतलब किया जाता है।
कुछ दिन पहले तीसा मार्ग पर जो लावारिस कशमल पकड़ी थी, उसके परिक्षेत्र में आने वाले वाले जंगल में अभी तक कोई निरीक्षण नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों में हसनदीन, नूरदीन, सकलेन, अशोक कुमार, सूरज और मनोज कुमार ने बताया कि साढ़े तीन क्विंटल कशमल की जड़ों को निकालने के लिए कम से कम चार दिनों का समय लगता है। जड़ों को जमीन खोदकर निकाला जाता है। ऐसे में जिस जंगल में ये जड़ें खोदकर निकाली गईं, वहां कार्यरत वन रक्षक कहां सोता रहा। विभाग को इस संबंध में विभागीय जांच बैठानी चाहिए ताकि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सके। उधर, मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में जल्द ही जांच की जाएगी।