तेंदुए ने हमला कर मार डालीं 30 भेड़ें, 21 लापता

भरमौर ग्राम पंचायत पुल्लन और संचुई में तेंदुए का आतंक, भेड़पालकों को लाखों का नुकसान, दहशत में लोग जनजातीय उपमंडल भरमौर ग्राम पंचायत पुल्लन में तें...

तेंदुए ने हमला कर मार डालीं 30 भेड़ें, 21 लापता

तेंदुए ने हमला कर मार डालीं 30 भेड़ें, 21 लापता

भरमौर ग्राम पंचायत पुल्लन और संचुई में तेंदुए का आतंक, भेड़पालकों को लाखों का नुकसान, दहशत में लोग

जनजातीय उपमंडल भरमौर ग्राम पंचायत पुल्लन में तेंदुए ने हमला कर 16 भेड़ों को मार डाला, जबकि छह भेडें लापता हो गई। इस घटना में प्रभावित भेड़पालक को काफी नुकसान हुआ है। पुल्लन पंचायत में लगातार तेंदुए के बढ़ते हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पिछले दिनों भी तेंदुए ने हमला कर पंद्रह भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया था। भेड़पालकों की ओर से तुरंत घटना की सूचना वन व पशुपालन विभाग को दी गई। इस पर विभागीय टीम सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सामाजिक कार्यकर्ता दीप ठाकुर ने वन विभाग से प्रभावित चरवाहों को तत्काल मुआवजा देने और क्षेत्र में तेंदुओं की बढती गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी उपाय करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो चरवाहों को और भी अधिक नुकसान उठाना पड सकता है।

उन्होंने भरमौर प्रशासन और राज्य सरकार से आदिवासी क्षेत्र में चरवाहों के लिए उचित सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की भी अपील की। उधर, ग्राम पंचायत संचुई में भी तेेंदुए ने हमला कर 14 भेडों को मार दिया। घटना के बाद 15 भेडें लापता बताई गई हैं। जानकारी के अनुसार संचुई गांव के सतपाल ठाकुर एवं बुद्धि सिंह ने भेड़-बकरियों के साथ भरमाणी माता मंदिर के समीप डेरा लगाया था। सोमवार देर रात लगभग तीन बजे जंगली जानवर तेंदुए ने भेड-बकरियों पर हमला कर दिया, जिसमें 14 भेडें मृत पाई गई और 15 लापता हैं। उपमंडलीय प्रशासन की ओर से प्रभावित भेडपालकों को कोई आर्थिक मदद नहीं मिल पाई है। वन व पशुपालन विभाग की टीम के रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा अदायगी की बात कही गई है।