सलूणी उपमंडल के कंधवार जंगल में कथि अवैध कटान मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वायड टीम सलूणी पहुंच गई। इस टीम वन विभाग सलूणी के अधिकारिय...
वन विभाग की सख्ती: हर ठूंठ का रिकॉर्ड से मिलान
सलूणी उपमंडल के कंधवार जंगल में कथि अवैध कटान मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वायड टीम सलूणी पहुंच गई। इस टीम वन विभाग सलूणी के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से पूरे प्रकरण की जांच भी आरंभ कर दी है। उल्लेखनीय है कि अब तक की कंधवार जंगल में अवैध कटान मामले की जांच के दौरान विभागीय टीम को मिले साक्ष्यों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके चलते विभाग ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब तक की जांच में कंधवार जंगल में 275 हैमर युक्त ठूंठ चिंहित किए गए हैं।
इसके अलावा जंगल क्षेत्र से 45 नग लकड़ी भी बरामद की गई है। इस बरामद लकड़ी के संबंध में अभी तक किसी भी व्यक्ति अथवा पक्ष द्वारा कोई वैध दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। ऐसे में अब धर्मशाला से फ्लाइंग स्क्वायड टीम अब मौके पर मिले प्रत्येक ठूंठ और बरामद लकड़ी का सरकारी रिकार्ड से मिलान करेगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि चिंहित ठूंठों में कितने टीडी के तहत स्वीकृत कटान से जुड़े हैं। और कितने वन निगम के अधिकृत लाटों का हिस्सा हैं। तथा कितनी लकड़ी विवाह समारोहों, मृत्यु संस्कारों अथवा अन्य विशेष अनुमति के तहत जारी की गई थी। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केवल जंगल में ठूंठ मिलने भर से किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। प्रत्येक ठूंठ का रिकार्ड, स्वीकृति पत्र, कटान अनुमति, परिवहन दस्तावेज और संबंधित लाभार्थियों का विवरण खंगाला जाएगा। इसके बाद जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी रिपोर्ट
डीएफओ चुराह एट सलूणी सुशील गुलेरिया ने बताया कि कंधवार जंगल में कथित अवैध कटान के मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। धर्मशाला से आई फ्लाइंग स्क्वायड टीम और वन विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जांच कर रही है। जंगल में मिले ठूंठों और बरामद लकड़ी का रिकार्ड से मिलान किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यात्मक रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।