चंबा में 397 गांवों में तलाशे जाएंगे टीबी के मरीज

टीबी मरीजों की अधिक संख्या वाले 397 गांवों में टीबी के छुपे हुए मरीजों को तलाशा जाएगा। गांव में रहने वाली पूरी आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए...

चंबा में 397 गांवों में तलाशे जाएंगे टीबी के मरीज

चंबा में 397 गांवों में तलाशे जाएंगे टीबी के मरीज

टीबी मरीजों की अधिक संख्या वाले 397 गांवों में टीबी के छुपे हुए मरीजों को तलाशा जाएगा। गांव में रहने वाली पूरी आबादी की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए टीबी मुक्त भारत अभियान चरण-दो को शुरू किया गया है। इसमें आशा वर्कर और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गांव में जाकर पोर्टेबल एक्सरे से लोगों की स्क्रीनिंग करेंगे। जिन लोगों में टीबी के संभावित लक्षण नजर आएंगे, उन्हें टीबी जांच करवाने का परामर्श दिया जाएगा। सरकार ने आकांक्षी जिले में अभियान के लिए इन गांवों का चयन किया है। विभाग की तरफ से टीबी मरीजों का जो रिकॉर्ड भेजा गया था, उसके आधार पर ये गांव चिह्नित किए गए हैं। यहां टीबी मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। मंगलवार को उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नर्सिंग प्रशिक्षुओं ने रैली के जरिये लोगों को टीबी रोग की रोकथाम के बारे में जागरूक किया।

उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान चरण 2.0 के अंतर्गत टीबी मरीजों की अधिक संख्या वाले गांवों की पहचान की गई है। नर्सिंग प्रशिक्षुओं ने टीबी मुक्त चंबा का गीत पेश किया। इस मौके पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में रितिका और अक्षिता ठाकुर ने पहला स्थान हासिल किया। अपराजिता और प्रिया ने दूसरा, जबकि सुहानी और चंद्रेश ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम भारद्वाज ने राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि टीबी के प्रति भ्रम और भ्रांतियां दूर करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. हरित पुरी ने टीबी मुक्त पंचायत बनाने पर जोर दिया।

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