भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने करयास प्रजा मंडल की ओर से वालीन माता मंदिर से निकाली रथयात्रा का किया स्वागत जनजातीय क्षेत्र पांगी में म...
पांगी में ऐतिहासिक फुलयात्रा उत्सव का आगाज
भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने करयास प्रजा मंडल की ओर से वालीन माता मंदिर से निकाली रथयात्रा का किया स्वागत
जनजातीय क्षेत्र पांगी में मंगलवार को पारंपरिक जिला स्तरीय ऐतिहासिक फुलयात्रा उत्सव का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय उत्सव के शुभारंभ पर गूरों ने पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की। इस दौरान भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज ने करयास प्रजा मंडल की ओर से वालीन माता मंदिर से निकाली रथयात्रा का स्वागत किया। वह रथयात्रा में शामिल होकर फुलयाटनू मैदान में पहुंचे। इस दौरान पांगी घाटी के पारंपरिक वाद्य यंत्रों से उत्सव की शुरुआत हुई। इसके बाद पहली सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। फुलयात्रा कमेटी के अध्यक्ष केदार राणा और सतीश शर्मा ने मुख्यअतिथि डॉ. जनकराज को पंगवाली टोपी और शॉल पहनाकर सम्मानित किया। इसके उपरांत कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया।
क्यों मनाते हैं फुलयात्रा उत्सव
फुलयात्रा को ग्रीष्म ऋतु के समापन और सर्दियों के आगमन का प्रतीक माना जाता है। सदियों से लोग इस उत्सव को मना रहे हैं। पांगी में पहले आपसी मिलन का एकमात्र साधन मेले और उत्सव ही होते थे। पांगी के लोग फुलयात्रा से पहले सर्दियों के लिए खाने-पीने का सारा सामान इकट्ठा कर लेते थे। पशुओं के चारे को भी सर्दियों से पहले एकत्रित कर लिया जाता था। सर्दियों में यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है, इस वजह से लोग घरों से बाहर नहीं निकल पाते हैं।
अब चार प्रजाएं लेती हैं भाग
पहले लुज, सुराल, धरवास, करयास, कूफा, कवास, हुडान, किरयूनी और किलाड़ की प्रजाएं फुलयाटनू मैदान में यह उत्सव मनाती थीं। अब कूफा, कवास, किलाड़ और करयास की चार प्रजाएं इसमें भाग लेतीं हैं।