हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रों में आज मौसम साफ रहेगा। वहीं, बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में चार एनएच समेत 885 सड़कें ठप रहीं। हिमाचल प्रदेश मे...
हिमाचल प्रदेश में आज मौसम साफ, कल से फिर बारिश-बर्फबारी के आसार; चार एनएच समेत 885 सड़कें ठप
हिमाचल प्रदेश के सभी क्षेत्रों में आज मौसम साफ रहेगा। वहीं, बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में चार एनएच समेत 885 सड़कें ठप रहीं।
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद मंगलवार देर रात चंबा में पहाड़ी से हिमखंड टूटा और बर्फ की नदी बहने लगी। इसकी चपेट में आने से तीन दुकानें और दो गाड़ियां दफन हो गईं। वीरवार को भी हिमखंड गिरने की चेतावनी जारी हुई है। मंगलवार रात और बुधवार तड़के शिमला, मनाली में फिर बर्फबारी हुई। मनाली में खराब मौसम के चलते वीरवार को भी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। बुधवार को लाहौल, कुल्लू जिले और सराज उपमंडल में स्कूल बंद रहे।
बुधवार शाम तक प्रदेश में चार नेशनल हाईवे मनाली-लेह, आनी-कुल्लू, भरमौर-पठानकोट, रामपुर-किन्नौर समेत 885 सड़कें ठप रहीं। 3,237 बिजली ट्रांसफार्मर और 121 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। मनाली में सैकड़ों पर्यटक अभी भी फंसे हैं। सिरमौर में बिजली गिरने से एक महिला घायल हुई हैं और दो पशुओं की मौत हो गई। बदले मौसम के कारण लाहौल, मंडी, कुल्लू, शिमला, चंबा और सिरमौर जिले में जनजीवन प्रभावित हो गया है। शिमला-रामपुर-किन्नौर हाईवे बुधवार दोपहर बहाल हो गया है। हालांकि, फिसलन होने के कारण आवाजाही प्रभावित हो रही है।
चंबा जिले के भरमौर और पांगी उपमंडल की पूलन पंचायत के ओट नाला में मंगलवार रात अचानक हिमखंड टूट गया। इसके बाद बही बर्फ की नदी की चपेट में राशन से भरे दो वाहन और तीन दुकानें आ गईं। राशन के दोनों वाहन बहकर सीधे नाले में जा गिरे और बर्फ में दब गए। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर परेल के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने से एक टैक्सी पलट गई। चालक ने समय रहते कूदकर जान बचाई। भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते यह हाईवे करीब सात घंटे तक बंद रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मनाली के लिए बसों की आवाजाही पूरी तरह बंद है। कुल्लू से पतलीकूहल तक ही वोल्वो और अन्य बसें चल रही हैं। मनाली शहर और आसपास के कई गांवों में 18 घंटों से ब्लैकआउट है। बिजली गुल होने के साथ पानी की आपूर्ति भी पूरी तरह ठप हो गई है। होटल, रेस्टोरेंट और घरों में लोग बर्फीली ठंड के बीच पानी और बिजली के लिए जूझ रहे हैं। भुंतर के लिए हवाई सेवा भी अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। हालांकि, दिल्ली से कांगड़ा हवाई अड्डा पर सभी फ्लाइटें अपने समय पर पहुंचीं। मंडी की सराज घाटी एक बार फिर बर्फ की मोटी चादर से ढक गई है। इससे बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली, छतरी, गाड़ागुशैण, थाची, बागाचनोगी और चिऊणी समेत पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक गया। भारी बर्फबारी के चलते सराज घाटी का सड़क संपर्क कट गया है।