सांप के काटने पर कुछ ऐसे करें इलाज

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएमओ ने सर्पदंश के मामले में लागों को दी जरूरी जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा की ओर से सीएमओ कार्यालय के स...

सांप के काटने पर कुछ ऐसे करें इलाज

सांप के काटने पर कुछ ऐसे करें इलाज

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएमओ ने सर्पदंश के मामले में लागों को दी जरूरी जानकारी

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चंबा की ओर से सीएमओ कार्यालय के सभागार में सर्पदंश प्रबंधन पर एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता सीएमओ चंबा डाक्टर जालम भारद्धाज ने की। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर भय के कारण यही खौफ रहता है कि अब वो जिंदा नहीं बच पाएंगे, जबकि असल में अधिकतर सांप जहरीले नहीं होते हैं। कई बार लोग जड़ी बूटी या झाड फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। इस कारण मरीज की जान तक चली जाती है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की जानकारी के अनुसार लगभग 5 मिलियन सर्पदंश के मामले हर वर्ष आते हैं। भारत की बात की जाए तो यहां पर हर वर्ष करीब 58000 लोग सर्पदंश के कारण मौत के मुंह में समा जाते हैं।

भारत में हर वर्ष करीब 58000 लोगों की सर्पदंश के कारण होती है मौत 

भारत में सर्पदंश से मृत्यु होने का आंकडा दुनिया में सबसे अधिक है, जोकि गंभीर चिंता का विषय भी है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर मरीज को शांत रहना चाहिए। सांप के काटे जाने वाले निशान को खुला छोड देना चाहिए। तथा चिकित्सा उपचार के लिए निकटतम स्वास्थ्य सुविधा केंद्र पर जल्दी पहुंचना चाहिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर हरित पुरी ने कहा कि पीडित को अत्यधिक थकावट या घबराहट का शिकार न बनने दें। सांप पर हमला न करें या ना ही उसे मारें। घाव पर घरेलू उपचार आदि न करें। रक्त संचार को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्र को न बांधे, रोगी को पीठ के बल न लेटाएं और पारंपरिक तरीकों या किसी भी असुरक्षित उपचार का उपयोग न करें। इस प्रशिक्षण कर्यक्रम में डलहौजी अस्पताल के मेडिसिन विशेषज्ञ डाक्टर अनिल ने गेस्ट लेक्चर दिया। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर सोहेल भी मौजूद रहे।