हिमाचल में बनी बुखार, खांसी और किडनी की 64 दवाओं समेत देश में 220 के सैंपल फेल

देशभर में बनी 220 दवाओं के साथ हिमाचल में बने बच्चों के सिरप, बुखार, खांसी, एंटीबायोटिक और किडनी की 64 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। दवा...

हिमाचल में बनी बुखार, खांसी और किडनी की 64 दवाओं समेत देश में 220 के सैंपल फेल

हिमाचल में बनी बुखार, खांसी और किडनी की 64 दवाओं समेत देश में 220 के सैंपल फेल

देशभर में बनी 220 दवाओं के साथ हिमाचल में बने बच्चों के सिरप, बुखार, खांसी, एंटीबायोटिक और किडनी की 64 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। दवाओं के साथ-साथ कई इंजेक्शन और विटामिन की दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की ओर से जारी अगस्त के ड्रग अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा सोलन जिले के की 33 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर सिरमौर में बनी 24 दवाएं मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं। साथ ही ऊना के 4 व कांगड़ा के दो और बिलासपुर की कंपनी की एक दवा का सैंपल फेल हुआ है। संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा गया है और प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 191 नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं और 29 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं की जांच में फेल ड्रग अलर्ट के अनुसार गुणवत्ता जांच में फेल 220 नमूनों में 191 नमूने राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं और 29 नमूने केंद्रीय प्रयोगशालाओं की जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा एक नमूना नकली पाया गया। हिमाचल के बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड्ड, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, कुमारहट्टी, सोलन, बिलासपुर, ऊना और कांगड़ा स्थित दवा निर्माण इकाइयों के उत्पाद भी सूची में शामिल हैं। जांच में कुछ नमूने घुलने की क्षमता, दवा की मात्रा, प्रभावी औषधीय तत्व, निष्क्रमण, पीएच और कणों की निर्धारित सीमा समेत विभिन्न गुणवत्ता मानकों पर फेल पाए गए। इसमें कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं, जिनमें दो से अधिक दवाओं के सैंपल भी फेल हुए हैं। साथ ही कई कंपनियों के बार-बार सैंपल फेल हुए हैं।