मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि सर्पदंश के अधिकांश मामलों में उपचार में देरी स्थिति को गंभीर बना सकती है। सांप के डसने की घटना को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए।
बरसात में सर्पदंश के मामले भी जिले में बढ़ जाते हैं। पिछले एक माह में चंबा में 34 लोग सर्पदंश का शिकार हुए जबकि, 50 वर्षीय एक महिला की सर्पद...
एक माह में सांप ने डसे 34 लोग, एक महिला की मौत
बरसात में सर्पदंश के मामले भी जिले में बढ़ जाते हैं। पिछले एक माह में चंबा में 34 लोग सर्पदंश का शिकार हुए जबकि, 50 वर्षीय एक महिला की सर्पदंश से मौत हो गई। यह महिला डलहौजी स्वास्थ्य खंड के परिक्षेत्र से संबंधित थी। उसे जहरीले सांप ने डस लिया। महिला को जब अस्पताल में लाया गया, तब तक उसके पूरे शरीर में जहर फैल चुका था। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। हालांकि, अन्य मामलों में समय पर मरीजों को एंटी स्नेक वेनम का इंजेक्शन लगने से उनकी जान बच गई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बरसात के दौरान सांपों के बिलों और सुरक्षित ठिकानों में पानी भरने के कारण वे बाहर निकल आते हैं। ऐसे में ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ने की संभावना रहती है। खेतों, घास के मैदानों, जंगलों और घरों के आसपास काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पिछले एक माह में मेडिकल कॉलेज में सर्पदंश के 24 मामले आए। डलहौजी में तीन, तीसा में चार, समोट में दो और किहार में एक मामला दर्ज हुआ। पांगी ऐसा क्षेत्र है, जहां पर सर्पदंश का पिछले एक माह में एक भी मामला सामने नहीं आया है।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़फूंक, तंत्र-मंत्र या देसी उपचार के भरोसे समय गंवाना जानलेवा साबित हो सकता है। सांप के डसने के बाद पीड़ित को जल्द नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान या अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां उसे एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन सहित आवश्यक उपचार उपलब्ध हो सके। इलाज में देरी मरीज की जान भी ले सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सर्पदंश के बाद मरीज को शांत रखना चाहिए और प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखना चाहिए। घाव को काटना, जहर चूसने का प्रयास करना, कसकर पट्टी बांधना या किसी तरह के रसायन/जड़ी-बूटी लगाने से बचना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जालम सिंह ने बताया कि सर्पदंश के अधिकांश मामलों में उपचार में देरी स्थिति को गंभीर बना सकती है। सांप के डसने की घटना को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। पीड़ित को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करवानी चाहिए।