मेडिकल कॉलेज के बाहर मिली दवाइयों की राख, कचरा निस्तारण पर उठे सवाल

सड़क के किनारे बिखरी दवाइयों की खाली पैकिंग और उनके जले अवशेष। पास ही मेडिकल कॉलेज का नया भवन। यह दृश्य अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। सरोल पंचायत...

मेडिकल कॉलेज के बाहर मिली दवाइयों की राख, कचरा निस्तारण पर उठे सवाल

मेडिकल कॉलेज के बाहर मिली दवाइयों की राख, कचरा निस्तारण पर उठे सवाल

सड़क के किनारे बिखरी दवाइयों की खाली पैकिंग और उनके जले अवशेष। पास ही मेडिकल कॉलेज का नया भवन। यह दृश्य अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। सरोल पंचायत में नए मेडिकल कॉलेज भवन के साथ सड़क के किनारे कथित तौर पर बायोमेडिकल वेस्ट जलाए जाने का मामला सामने आया है। मौके पर दवाइयों का जला हुआ कचरा मिला है, लेकिन इसे यहां तक पहुंचाने और आग लगाने वाले का पता अभी नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। सड़क के किनारे दवाइयों के अवशेष दिखाई दिए। कुछ अवशेष जले हुए थे और आसपास कचरा जलाए जाने के निशान भी नजर आए। हालांकि, मौके पर मिले कचरे को किसने फेंका और किसने जलाया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि यह वेस्ट दवा विक्रेताओं से निकलने वाला हो सकता है, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बिना जांच किसी केमिस्ट या अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा। विभागीय जांच में यह पता लगाया जाना जरूरी है कि कचरे का स्रोत क्या है, उसे यहां कौन लेकर आया और उसका निस्तारण किसकी जिम्मेदारी थी दवाइयों की राख, व्यवस्था का सवाल यदि मौके पर मिला कचरा बायोमेडिकल वेस्ट है तो उसका खुले में पड़ा मिलना और जलाया जाना निस्तारण व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्वास्थ्य से जुड़े कचरे के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था होने के बावजूद वह सड़क किनारे कैसे पहुंचा, इसकी पड़ताल जरूरी है। स्थानीय निवासी अजय कुमार, संजय शर्मा, विनोद कुमार, प्रताप चंद, रवि कुमार, सूरज और नेक सिंह ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मामले की गहन जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच में कचरे का स्रोत और जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। जल्द होगा मौके का निरीक्षण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साइंटिफिक ऑफिसर अजय वर्मा ने बताया कि मामला उनके ध्यान में अभी लाया गया है। जल्द ही मौके का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।