मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य प्रजातियों के प्रजनन एवं संरक्षण के मददेनजर जिला चंबा के नदी, नालों, खडडों तथा प्राकृृतिक जलाशयों में सोलह जून से पंद्रह...
आज से 15 अगस्त तक मछली पकडऩे पर रोक
मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य प्रजातियों के प्रजनन एवं संरक्षण के मददेनजर जिला चंबा के नदी, नालों, खडडों तथा प्राकृृतिक जलाशयों में सोलह जून से पंद्रह अगस्त तक रोक लगा दी है। इस बंद सीजन के दौरान मत्स्य आखेट सहित मछली के आयात-निर्यात और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। मत्स्य आखेट पर रोक लगाने के लिए विभाग की ओर से चमेरा व रणजीत सागर जलाशय में कैंप स्थापित करने के साथ ही नदी-नालों व खडडों के निरीक्षण हेतु उडनदस्ते गठित कर दिए गए हैं। सहायक निदेशक मत्स्य राकेश कुमार ने खबर की पुष्टि की है।
मत्स्य विभाग के मुताबिक इस अवधि में मत्स्य प्रजातियों के प्रजनन व सरंक्षा को लेकर हर वर्ष इन दो माह की अवधि के दौरान मत्स्य आखेट पर प्रतिबंध रहता है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश मत्स्य अधिनियम एवं नियमों के अंर्तगत बंद सीजन अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राकृतिक जलस्रोतों में मछली पकडऩा, मछलियों का शिकार करना अथवा विस्फोटक, विषैले व विघुत प्रवाह इत्यादि का प्रयोग कर मत्स्य आखेट पर रोक लगाई है।
सहायक निदेशक मत्स्य राकेश कुमार ने बताया कि सोलह जून से पंद्रह अगस्त तक मत्स्य आखेट को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत चमेरा जलाशय में तीन और रणजीत सागर जलाशय में दो कैंप स्थापित कर दिए गए हैं। इसके अलावा नदी-नालों व खड्डों की निगरानी और मछली के आयात-निर्यात पर रोक की निगरानी के लिए उडनदस्तों का अलग से गठन किया गया है।