धूप ने नहीं, व्यवस्था ने झुलसाया... घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला सिलिंडर

बनीखेत में तपती गर्मी के बीच रसोई गैस वितरण की सूची में नाम पर आने से लोगों में उबाल बोले- 12 मई तक बुकिंग करवाने वाले उपभोक्ताओं को ही दिए गए घरेल...

धूप ने नहीं, व्यवस्था ने झुलसाया... घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला सिलिंडर

धूप ने नहीं, व्यवस्था ने झुलसाया... घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला सिलिंडर

बनीखेत में तपती गर्मी के बीच रसोई गैस वितरण की सूची में नाम पर आने से लोगों में उबाल

बोले- 12 मई तक बुकिंग करवाने वाले उपभोक्ताओं को ही दिए गए घरेलू गैस सिलिंडर
सिलिंडर न मिलने से अधिकांश उपभोक्ता मायूस हो दोपहर एक बजे घर लौटे
--
36 डिग्री की झुलसाती गर्मी, सिर पर तेज धूप और हाथों में खाली गैस सिलिंडर… बनीखेत बस स्टैंड का नजारा वीरवार को किसी संघर्ष से कम नहीं था। रसोई गैस रिफिल करवाने की उम्मीद में दूरदराज गांवों से पहुंचे लोग घंटों सड़क के किनारे पसीने में तर बतर खड़े रहे लेकिन जब सिलिंडर वितरण की सूची सामने आई तो कई उपभोक्ताओं की उम्मीद गुस्से में बदल गई। किसी के नाम सूची में नहीं थे तो कोई घंटों इंतजार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हुआ। गर्मी, अव्यवस्था और नाराजगी के बीच गैस सिलिंडर वितरण का यह पूरा घटनाक्रम लोगों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया। बनीखेत (चंबा)। दिन : वीरवार। स्थान : बनीखेत बस स्टैंड। समय : सुबह 10 बजे। पधर, पुखरी, सुरखीगला, कंडा से दो से तीन किलोमीटर दूर से स्कूटी और बाइकों पर खाली सिलिंडर लेकर राज कुमार, अशोक कुमार, पवन कुमार, सुभाष, शिशु और अनूप पहुंचे हैं। बीआरसीसी बनीखेत परिसर के बाहर उपभोक्ताओं ने अपने सिलिंडर एकत्रित किए। देखते ही देखते आस-पास और बनीखेत बस स्टैंड से भी उपभोक्ता अपने खाली सिलिंडर लेकर पहुंचे। समय : 10:45 बजे, घरेलू गैस सिलिंडर की गाड़ी नहीं पहुंची। समय बढ़ने के साथ धूप भी तेज होती जा रही है। महिलाएं खाली सिलिंडर लेकर पहुंचीं। महिलाओं की आंखों में आज किसी भी सूरत में सिलिंडर रिफिल कर लौटने की चाह रही। पूर्वांह्न 11 बजे डलहौजी से सिलिंडर लेकर एजेंसी की गाड़ी बीआरसीसी कार्यालय परिसर पर हाईवे पर पहुंची। चालक ने वाहन को हाईवे के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा किया। एजेंसी कर्मी ने एजेंसी से मिली सूची को निकाल कर 12 मई तक बुकिंग करवाने वाले उपभोक्ताओं को ही घरेलू गैस सिलिंडर देने की बात कही। इससे 12 मई के बाद घरेलू गैस सिलिंडर बुक करवाने वाले उपभोक्ता भड़क उठे। महिलाओं और अन्य लोगों ने कहा कि क्या 12 मई के बाद उपभोक्ताओं के गैस सिलिंडर रिफिल करवाना जुर्म है। एक महिला ने कहा कि सूची में जिन लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, वे यहां हैं ही नहीं। ऐसे में कायदे से खाली सिलिंडर लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिलना जरूरी है। सिलिंडर रिफिल करवाने पहुंचे व्यक्ति ने कहा कि सूची लाना जरूरी है लेकिन यह सूची वहीं की होनी चाहिए जहां सिलिंडर दिया जाना निर्धारित हो। उन्होंने एजेंसी कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि कर्मचारी कभी यहां कभी वहां पर गाड़ी पार्क कर सिलिंडर रिफिल करने जुट जाते हैं जबकि कायदे से लिस्ट मुताबिक उपभोक्ताओं को निर्धारित जगह पर सिलिंडर दिए जाने चाहिए। बहरहाल, दोपहर 1:00 बजे गैस सिलिंडर रिफिल न होने पर पसीने से तर बदर हुए लोग खाली हाथ ही अपने घरों को लौटे।