अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह नाटी किंग फेम कुलदीप शर्मा के नाम रही। अपनी दमदार गायकी और लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से उन्हो...
मिंजर मेले में नाटी का जादू कुलदीप शर्मा ने बांधा समां
अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह नाटी किंग फेम कुलदीप शर्मा के नाम रही। अपनी दमदार गायकी और लोकप्रिय पहाड़ी गीतों से उन्होंने ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल देर रात तक झूमता रहा। युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों ने भी उनके गीतों पर खूब तालियां बजाईं और नृत्य किया। सांस्कृतिक संध्या में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मिंजर मेला समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने उन्हें शाल, हिमाचली टोपी और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मंच पर आते ही कुलदीप शर्मा ने ‘बिमला तेरे होटलै’, ‘ओ लाड़ी शांता’, ‘ऊंचे सैंडलो लाया शिमले बाजार’, ‘गराएं दे लंबरा’, ‘रेशमी रूमाल वाला‘, ‘चार सहेलियां‘ और ‘मुखड़ा‘ जैसे लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
इसके अलावा नितिश राजपूत ने इक मुंडा पंजाबी, सोण दा महीना, राजिया और सावन में लग गई आग गीत प्रस्तुत किए। हमीरपुर के कलाकार पम्मी ने सुन मेरी कंगना, धंतरा बजदा हो रांजना और महल बनाई दे जैसे गीत गाकर खूब वाहवाही लूटी। वहीं वॉयस ऑफ शिमला के द्वितीय रनरअप सुभाष प्रिंस ने भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीतों ‘तलवारों पे सिर वार दिए‘और ‘सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी‘ से हुई। इसके बाद लंदन ठुमकदा, जीने के हैं चार दिन, ढोली थारो ढोल बाजे, कियां चढऩा चम्बे वाला ढक, बंजारा, दूर बिंदला और लाल मेरी पत रखियो जैसे गीतों ने माहौल को और भी रंगीन बना दिया। रोजाना की तरह कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक मुसाधा गायन से हुआ।
इस दौरान राजेंद्र कुमार, दीपका, जितेंद्र सिंह, कन्हैया, राकेश कुमार राणा, विकास कुमार, शिवाली ठाकुर, अमन वर्मा सहित कई स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। इसके अलावा राम चंद, हरि, सुजल, काजल, स्नेहा, तरुण, मीनाक्षी, अरुण, पंछी, पंकज, मुस्ताक, कविश, विनोद, अनिता, कमल, पवन ठाकुर और बबलू ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं।