ग्राम पंचायत बैली के प्रधान कैप्टन जैसी राम ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना में जियो टैगिंग और उपस्थिति के लि...
जियो टैगिंग और फेस वेरिफिकेशन से पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित
ग्राम पंचायत बैली के प्रधान कैप्टन जैसी राम ने कहा कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना में जियो टैगिंग और उपस्थिति के लिए फेस वेरिफिकेशन जैसी अनिवार्यताओं से पंचायतों के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए इन व्यवस्थाओं को सरल बनाने की मांग की।
लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में जियो टैगिंग व्यावहारिक नहीं है। कामगारों के लिए कार्यस्थल के 10 मीटर के दायरे में उपस्थिति दर्ज करवाने की शर्त भी कई बार परेशानी पैदा करती है। स्वीकृत स्थल और वास्तविक कार्यस्थल अलग होने के कारण कामगारों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। कैप्टन जैसी राम ने आपदा से प्रभावित घरों के लिए डंगों के निर्माण में सहायता देने और बढ़ती महंगाई को देखते हुए ग्रामीण कामगारों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग भी की।