बेहोशी की दवा के पाैधों में भी दिखा इंसानों जैसा असर, आईआईटी मंडी के शोध में खुलासा

आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों का यह शोध दुनिया की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं एडवांस्ड बायोलॉजी और केमिकल एंड बायोमेडिकल इमेजिंग में प्रकाशित हुआ है।&...

बेहोशी की दवा के पाैधों में भी दिखा इंसानों जैसा असर, आईआईटी मंडी के शोध में खुलासा

बेहोशी की दवा के पाैधों में भी दिखा इंसानों जैसा असर, आईआईटी मंडी के शोध में खुलासा

आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों का यह शोध दुनिया की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं एडवांस्ड बायोलॉजी और केमिकल एंड बायोमेडिकल इमेजिंग में प्रकाशित हुआ है। 

बेहोशी की दवा देने पर पौधों की कोशिकाएं भी इंसानी शरीर की तरह निश्चित क्रम में प्रतिक्रिया देती हैं। आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों के एक नए शोध में यह खुलासा हुआ है। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि पौधों में न तो मस्तिष्क होता है और न ही तंत्रिका तंत्र, फिर भी उनकी सभी कोशिकाओं ने लगभग एक साथ एक जैसा व्यवहार दिखाया। आईआईटी मंडी के वैज्ञानिकों का यह शोध दुनिया की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं एडवांस्ड बायोलॉजी और केमिकल एंड बायोमेडिकल इमेजिंग में प्रकाशित हुआ है। शोध का नेतृत्व संस्थान के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा, प्रोफेसर चयान कांति नंदी और उनकी टीम ने किया। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज चेतना को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

टमाटर और बैंगन के पौधों की जड़ों का अध्ययन किया

शोध के लिए वैज्ञानिकों ने टमाटर और बैंगन के पौधों की जड़ों का अध्ययन किया। आधुनिक सूक्ष्मदर्शी तकनीक की मदद से जीवित कोशिकाओं के भीतर होने वाले बदलावों को देखा गया। अध्ययन में पाया गया कि बेहोशी की दवा देने के बाद सबसे पहले कोशिका का ऊर्जा बनाने वाला हिस्सा प्रभावित हुआ। इसके बाद दूसरे हिस्से क्रमवार निष्क्रिय होते गए और अंत में कोशिका का केंद्र प्रभावित हुआ। जब दवा का असर खत्म हुआ तो यही प्रक्रिया उल्टे क्रम में हुई और कोशिकाएं सामान्य स्थिति में लौट आईं।

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