आकांक्षी जिला चंबा में यूरिया खाद की मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से नाराज किसानों ने सोमवार को उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया...
चंबा में खाद की किल्लत, किसानों ने बोला हल्ला
आकांक्षी जिला चंबा में यूरिया खाद की मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से नाराज किसानों ने सोमवार को उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर जल्द यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जय सिंह ने किया। जय सिंह ने कहा कि जिले में यूरिया खाद की भारी किल्लत के कारण मक्की की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि चुराह, तीसा और चंबा क्षेत्र के अधिकांश किसानों की आजीविका मक्की की खेती पर निर्भर है। यदि समय पर किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं कराया गया तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और आजीविका पर भी संकट गहरा जाएगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह मेला पारंपरिक रूप से मक्की में लगने वाले ‘मिंजर’ से जुड़ा है, लेकिन खाद की कमी के कारण इस बार फसल का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि किसानों के नुकसान को रोकने के लिए जिले में यूरिया की आपूर्ति तत्काल बढ़ाई जाए। जय सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द किसानों की मांग पूरी नहीं हुई तो अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के दौरान चंबा आगमन पर मुख्यमंत्री का लोकतांत्रिक तरीके से घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल किसानों ने कहा कि बरसात के मौसम में समय पर मक्की की फसल में यूरिया डालना बेहद जरूरी होता है। ऐसा न होने पर पौधे पीले पडऩे लगते हैं और उनकी बढ़वार रुक जाती है। इस वर्ष बारिश के कारण पहले ही मक्की की बुवाई में देरी हुई है, वहीं अब यूरिया की कमी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कुछ क्षेत्रों में सीमित मात्रा में यूरिया भेजा गया है, लेकिन यह जरूरत के मुकाबले ‘ऊंट के मुंह में जीरे’ के समान है। उनका दावा है कि चंबा जिले में हर वर्ष लगभग 400 से 500 टन यूरिया की आवश्यकता होती है, जबकि इस बार अब तक पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाई है।