मानसून की मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को जिला चंबा में भारी तबाही मचाई। लगातार बारिश और भूस्खलन से सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई।...
मानसून का कहर; चंबा में 81 सडक़ें बंद, 150 गांव अंधेरे में
मानसून की मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को जिला चंबा में भारी तबाही मचाई। लगातार बारिश और भूस्खलन से सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। विभिन्न विभागों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जबकि पहाड़ों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण बहाली कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सबसे अधिक नुकसान भटियात उपमंडल में दर्ज किया गया।
बारिश के कारण जिले में 81 सडक़ें यातायात के लिए बंद हो गईं। इनमें चंबा की 17, डलहौजी की 3, तीसा की 15, सलूणी की 13, भरमौर की 12, पांगी की 2 और भटियात की 19 सडक़ें शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाकर 26 सडक़ें बहाल कर दी हैं, जबकि 55 सडक़ें अभी भी बंद हैं। भूस्खलन के कारण बिजली लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। सलूणी और भटियात उपमंडल के करीब 150 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सलूणी में 66 और भटियात में 14 ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं। बिजली बोर्ड की टीमें बिजली आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं।
बारिश से जल शक्ति विभाग की 143 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें चंबा की 18, डलहौजी की 17, तीसा की 50, सलूणी की 22, भरमौर और पांगी की 5-5 तथा भटियात की 19 योजनाएं शामिल हैं। इससे कई क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। दोपहर बाद बारिश थमने पर विभाग ने क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत और जलापूर्ति बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया।