चंबा की फिजाओं में घुला योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिले की वादियों में जब एक साथ योग की लय गूंज उठी तो पूरा माहौल स्वास्थ्य, अनुशासन और जागरूकता की ऊर्जा से भर गया। कहीं विद्य...

चंबा की फिजाओं में घुला योग

चंबा की फिजाओं में घुला योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिले की वादियों में जब एक साथ योग की लय गूंज उठी तो पूरा माहौल स्वास्थ्य, अनुशासन और जागरूकता की ऊर्जा से भर गया। कहीं विद्यार्थियों ने एनसीसी और एनएसएस के साथ मिलकर आसन किए तो कहीं आयुष विभाग के मार्गदर्शन में शरीर और मन को साधने की कोशिशें दिखीं। स्कूलों, कॉलेजों और सत्संग भवनों तक फैले इन कार्यक्रमों में योग सिर्फ अभ्यास नहीं रहा, बल्कि एक ऐसी सीख बन गया जिसने संतुलित जीवन, मानसिक शांति और नियमित दिनचर्या की अहमियत को और गहराई से सामने रखा।

तीसा में विद्यार्थियों ने कीं योग क्रियाएं
चुराह (चंबा)। पीएमश्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तीसा में उपमंडल स्तरीय 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन आयुष विभाग भंजराडू ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमंडलीय आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशु गर्ग ने किया। प्रधानाचार्य घनश्याम ठाकुर मुख्य अतिथि रहे। आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवियों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राओं ने सामूहिक योगाभ्यास किया। 

डलहौजी में बताया योग से निरोग रहने का मंत्र
डलहौजी। हिलटॉप स्कूल डलहौजी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में सकारात्मकता और स्वास्थ्य जागरूकता का वातावरण रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के एक विद्यार्थी के प्रेरणादायक भाषण से हुआ। उसने योग के ऐतिहासिक महत्व, आधुनिक जीवन में इसकी उपयोगिता और शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभावों पर प्रकाश डाला। 

मेडिकल कॉलेज चंबा में योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. पंकज गुप्ता ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की कल्पना भारत के प्रधानमंत्री ने की थी। योग के विभिन्न रूपों से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को अलग-अलग तरीकों से लाभ मिलता है। शरीर स्वस्थ रहता है। योग से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिकता का विकास होता है। हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक नई थीम तय की जाती है जो योग के एक खास पहलू पर जोर देती है। साल 2026 के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग है।