बीती रात बारिश व रावी में पानी के बहाव से पुल के साथ सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार टूटी रावी नदी पर बने ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल के गिरने का खत...
शीतला पुल के एक हिस्से का नामोनिशान मिटा
बीती रात बारिश व रावी में पानी के बहाव से पुल के साथ सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार टूटी
रावी नदी पर बने ऐतिहासिक विक्टोरिया पुल के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। यहां लगातार बारिश के कारण रावी का बहाव लगातार बढ़ा जिससे पुल के साथ लगाई गई सुरक्षा दीवार टूट गई है। अब अगर रावी का बहाव बढ़ा तो पुल गिर सकता है। पुल गिरने के बाद यहां लोगों की आवाजाही बंद हो गई है। रावी पर बनाया गया चम्बा का यह पहला पुल था जो जिला मुख्यालय को आसपास के गांवों के साथ जोड़ता था। जानकारों के मुताबिक पुल 1894 में बनाया गया था। इसके बाद से लगातार इसमें राजाओं के समय में हाथी-घोड़े के बाद लोगों व वाहनों की आवाजाही शुरू की गई थी। 30 साल पूर्व 1995 में भी रावी का बहाव बढ़ने से पुल को नुक्सान हुआ था। इसके बाद सरकार ने मुरम्मत करके पुल को आवाजाही योग्य बनाया लेकिन बीती रात बारिश व रावी में पानी के बहाव के बाद पुल के साथ सुरक्षा के लिए बनाई गई बड़ी दीवार टूट गई।

रेहड़ी-फड़ी धारकों को यहां से हटाकर दूसरे सुरक्षित स्थान पर किया शिफ्ट
बताया जाता है कि जब यह पुल बनाया गया तो उस समय सीमैंट नहीं होता था ताे पुल बनाने के लिए सुर्खी नव चूने का मिश्रण मिलाया गया। विक्टोरिया पुल के अलावा इसके साथ ही बनाए गए बड़े फ्लाईओवर पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। यहां सुरक्षा दीवार टूट गई है। पुल के साथ रावी के बहाव से खतरे को भांपते हुए यहां बड़े पेड़ की जड़ें भी निकल गई थीं, जिससे पेड़ को भी काट दिया गया ताकि बस स्टैंड के लिए आवाजाही करने वालों के साथ कोई किसी प्रकार का कोई हादसा न हो।आसपास के क्षेत्रों में स्थापित किए गए रेहड़ी-फड़ी धारकों को यहां से हटाकर दूसरे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। रविवार को पुल के निरीक्षण के लिए सदर विधायक नीरज नैय्यर ने अधिकारियों के साथ मुआयना किया तथा उचित दिशा-निर्देश दिए। मौजूदा समय में पुल की मुरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जाता है।