पोते को ढूंढने के लिए रावी नदी का कोना-कोना छान रहे दादा

बीते 10 अगस्त से लापता पोते की तलाश में दादा जयपाल रावी नदी का कोना-कोना छान रहे हैं। कई दिन बीतने के बाद भी पोते का सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिं...

पोते को ढूंढने के लिए रावी नदी का कोना-कोना छान रहे दादा

पोते को ढूंढने के लिए रावी नदी का कोना-कोना छान रहे दादा

बीते 10 अगस्त से लापता पोते की तलाश में दादा जयपाल रावी नदी का कोना-कोना छान रहे हैं। कई दिन बीतने के बाद भी पोते का सुराग नहीं मिलने से परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है।

जयपाल के बेटे पर ही मासूम को नदी में फेंकने का आरोप है। जयपाल ने बताया कि 10 अगस्त के बाद से पोते का पता नहीं चला है। दादी और बुआ का रो-रोकर बुरा हाल है। बुआ खुद को कोसते हुए कहती हैं कि वह कौन सा मनहूस समय था जब उन्होंने बच्चे को पिता के साथ जाने दिया। अगर वह शाम को उसे अपने साथ ही लेकर आतीं तो शायद आज यह दिन नहीं देखना पड़ता। जयपाल ने बताया कि वह दिनभर रावी नदी के आसपास पोते की तलाश करते हैं। नदी का कोना-कोना छानने के बाद जब घर लौटते हैं तो उनकी पत्नी और बेटी एक ही सवाल करती है कि उनका पोता कहां है। इसके बाद वह कई बार बेसुध होकर गिर पड़ती हैं। जयपाल ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके पोते की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं और उसे जल्द ढूंढ कर परिवार के पास लाया जाए। उन्होंने कहा कि कई दिनों से परिवार ने न तो चैन से खाना खाया है और न ही ठीक से सो पाया है। हर समय पोते का चेहरा आंखों के सामने घूमता रहता है।