भलेई क्षेत्र में मक्की को नुकसान, खेतों में घुसा मलबा

मूसलाधार बारिश ने भलेई क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। तेज बारिश के कारण कई जगह खेतों में मलबा और पानी घुस गया है। खेतों की उपजाऊ...

भलेई क्षेत्र में मक्की को नुकसान, खेतों में घुसा मलबा

भलेई क्षेत्र में मक्की को नुकसान, खेतों में घुसा मलबा

मूसलाधार बारिश ने भलेई क्षेत्र के किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। तेज बारिश के कारण कई जगह खेतों में मलबा और पानी घुस गया है। खेतों की उपजाऊ मिट्टी बह गई है।
सबसे अधिक नुकसान मक्की की तैयार फसल को हुआ है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश के तेज बहाव में फसल बह गई। जिन खेतों में कुछ दिन पहले तक लहलहाती मक्की किसानों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगा रही थी, वहां अब मलबा, पत्थर और पानी है।

 

किसानों में होशियारा राम, केवल कुमार, रमन कुमार, मदन लाल, दीवान चंद और कर्म सिंह ने कहा कि फसल तैयार करने में महीनों की मेहनत और हजारों रुपये की लागत लगी थी। कुछ घंटों की बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने उन्हें दोहरी मार दी है। एक ओर खड़ी फसल नष्ट हो गई, दूसरी ओर खेत भी क्षतिग्रस्त हो गए।

किसानों ने विभाग और प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे करवाकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर राहत नहीं मिली तो प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि टीम को सर्वे के लिए भेजा जाएगा ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा मिल सके।