भजोत्रा स्कूल के शिक्षकों ने आठवीं से दसवीं कक्षा तक निशा की भरी स्कूल फीस ग्राम पंचायत भजोत्रा के मटवाड़ गांव के चार नाबालिग बच्चों के मामले...
पढ़ाई छोड़ने वाली थी निशा, शिक्षकों ने जेब से भरी फीस
भजोत्रा स्कूल के शिक्षकों ने आठवीं से दसवीं कक्षा तक निशा की भरी स्कूल फीस
ग्राम पंचायत भजोत्रा के मटवाड़ गांव के चार नाबालिग बच्चों के मामले में नया खुलासा सामने आया है। इस परिवार की बड़ी बेटी निशा तो आठवीं में आर्थिक तंगी के चलते स्कूल छोड़ने वाली थीं, लेकिन भजोत्रा स्कूल के अध्यापक योगेश शर्मा और सोनिया शर्मा उसकी मदद को आगे आए। इन शिक्षकों ने आठवीं से दसवीं तक उसकी स्कूल की फीस भरी। इस तरह निशा दसवीं कक्षा पास कर पाईं। जानकारी के अनुसार यह मामला उस समय का है, जब निशा आठवीं कक्षा में पढ़ रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। हालात ऐसे बन गए थे कि बच्ची को मजबूरी में स्कूल छोड़ कर घर बैठने का मन बना लिया गया था। पढ़ाई आगे जारी रखना परिवार के लिए संभव नहीं लग रहा था और फीस भरना एक बड़ी चुनौती बन चुका था।
अध्यापक योगेश शर्मा और अध्यापिका सोनिया शर्मा के विश्वास और मार्गदर्शन से ही निशा दसवीं कक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर सकी
इसी कठिन समय में अध्यापक योगेश शर्मा और अध्यापिका सोनिया शर्मा ने न केवल बच्ची की स्थिति को समझा बल्कि मानवीय संवेदना और शिक्षक धर्म का परिचय देते हुए उसकी फीस स्वयं भर दी। यह सहयोग किसी प्रचार या दिखावे के लिए नहीं बल्कि एक छात्रा के भविष्य को बचाने की नियत से किया गया। सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि इन दोनों शिक्षकों ने निशा को लगातार प्रोत्साहित किया बल्कि उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उनका विश्वास और मार्गदर्शन ही था कि जो बच्ची आठवीं में पढ़ाई छोड़ने की कगार पर थी, वहीं आज दसवीं कक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर चुकी है। अब पिता के निधन और मां के छोड़े जाने पर इस परिवार की मदद के लिए सरकार और प्रशासन आगे आया है।