राज्यपाल से मिलकर छलका लोगों का दर्द, कहा-घर उजड़े, बिखर गए सपने

भूस्खलन से तबाह हुए गांवों के प्रभावित लोग रविवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिले विकास खंड सलूणी में प्राकृतिक आपदा ने न केवल घरों को उजाड़ा,...

राज्यपाल से मिलकर छलका लोगों का दर्द, कहा-घर उजड़े, बिखर गए सपने

राज्यपाल से मिलकर छलका लोगों का दर्द, कहा-घर उजड़े, बिखर गए सपने

भूस्खलन से तबाह हुए गांवों के प्रभावित लोग रविवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिले

विकास खंड सलूणी में प्राकृतिक आपदा ने न केवल घरों को उजाड़ा, बल्कि सैकड़ों लोगों के सपनों को भी मलबे में दफन कर दिया। भूस्खलन से तबाह हुए गांवों के प्रभावित लोग रविवार को जब प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिले तो आंखों में आंसू और दिल में दर्द साफ झलक रहा था। राज्यपाल ने बनीखेत में प्रभावितों से मुलाकात कर उनकी व्यथा सुनी और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान स्थानीय निवासी ने करतार सिंह, जिनकी आंखों में आंसू थे और आवाज़ भर्राई हुई थी, ने बताया कि किस तरह कर्ज लेकर जमीन खरीदी और जीवन भर की कमाई से मकान बनाया, लेकिन एक ही झटके में भूस्खलन ने सब कुछ छीन लिया।

पोते को सीने से लगाकर भागी, जान बचाई, दीवार गिरी, लेकिन वक्त रहते बचा ली जान

सिमणी गांव की रचना देवी ने बताया कि जब मलबा गिरा, तो वह डेढ़ साल के पोते को सीने से लगाकर किसी तरह भागीं और पूरे परिवार की जान बचाने में सफल रहीं। अब उनका परिवार रिश्तेदारों के पास शरण लिए हुए है। भरथू राम ने कहा कि रात के समय जब परिवार सो रहा था, तभी जोर की आवाज़ आई। वे तुरंत सतर्क हुए और सभी को बाहर निकाला। हालांकि जान तो बच गई, लेकिन उनका घर पूरी तरह से मिट्टी में समा गया।

पैदल तय किया कठिन सफर, राज्यपाल तक पहुंचाया दर्द

डलहौजी विधानसभा क्षेत्र के सिमणी, गुवालू, भलेई, ब्रंगाल, सलूणी, सियूला और हडला जैसे दुर्गम पंचायतों से आए प्रभावित लोग पैदल कठिन रास्तों से गुजरते हुए बनीखेत पहुंचे। लोगों ने बताया कि खराब सड़कों और टूटे रास्तों के बावजूद वे राज्यपाल तक इसलिए पहुंचे, ताकि अपना दुख बयां कर सकें। राज्यपाल ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं और भरोसा दिलाया कि सरकार इस आपदा की घड़ी में उनके साथ है। इस दौरान उन्हें राहत किटें भी वितरित की गईं।

विधायक और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस अवसर पर डलहौजी विधायक डीएस ठाकुर ने राज्यपाल को सम्मानित किया और जानकारी दी कि उनके क्षेत्र में लगभग 1,000 लोग आपदा से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई के घर अब रहने योग्य नहीं बचे हैं। सलूणी मंडल अध्यक्ष मदन ठाकुर, प्रशासनिक अधिकारी व अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे। राज्यपाल के आश्वासन के बाद लोगों के चेहरों पर थोड़ी राहत की झलक दिखी, लेकिन आंखों में अब भी टूटे आशियानों और उजड़े सपनों का दर्द साफ था।