बारिश बनी आफत; भूस्खलन से मकान खतरे में, परिवार को रातोंरात छोडऩा पड़ा घर

लगातार हो रही बारिश के कारण ग्राम पंचायत कीड़ी के कपडौथा गांव में भूस्खलन होने से एक मकान खतरे की जद में आ गया है। मकान के पीछे स्थित पहाड़ी से लगातार...

बारिश बनी आफत; भूस्खलन से मकान खतरे में, परिवार को रातोंरात छोडऩा पड़ा घर

बारिश बनी आफत; भूस्खलन से मकान खतरे में, परिवार को रातोंरात छोडऩा पड़ा घर

लगातार हो रही बारिश के कारण ग्राम पंचायत कीड़ी के कपडौथा गांव में भूस्खलन होने से एक मकान खतरे की जद में आ गया है। मकान के पीछे स्थित पहाड़ी से लगातार मलबा और बड़े-बड़े पत्थर गिरने के चलते परिवार को अपनी जान बचाने के लिए घर छोडऩा पड़ा। पहले परिवार ने रिश्तेदारों के यहां शरण ली, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लग्गा में शिफ्ट कर दिया। जानकारी के अनुसार, कपडौथा गांव निवासी ठाकुरू सिंह के मकान के पीछे की जमीन लगातार धंस रही है। पहाड़ी से गिर रहा मलबा घर तक पहुंच चुका है, जिससे मकान के कभी भी ढहने का खतरा बना हुआ है। स्थिति गंभीर होने पर परिवार के सभी सदस्य रातोंरात घर खाली कर सुरक्षित स्थान पर चले गए। गुरुवार सुबह ग्राम पंचायत कीड़ी के प्रधान अच्छर सिंह ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया।

उन्होंने नुकसान का निरीक्षण करने के बाद इसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए प्रभावित परिवार को तत्काल राहत और उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि मकान अब रहने योग्य नहीं रह गया है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से मलबा गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है। लोग पूरी रात जागकर हालात पर नजर रख रहे हैं और किसी भी अनहोनी की आशंका से चिंतित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्र का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने, भूस्खलन रोकने के लिए स्थायी उपाय करने तथा खतरे की जद में आए अन्य मकानों का भी सर्वे करवाने की मांग की है।