सलूणी में नशे का रेड अलर्ट, 14 में से सात पंचायतें रेड जोन में

उपमंडल में नशे का बढ़ता जाल चिंता का कारण बनता जा रहा है। चिट्टे और अन्य नशों की चपेट में युवा वर्ग के आने की बढ़ती शिकायतों के बीच उपमंडल की 14 पंचाय...

सलूणी में नशे का रेड अलर्ट, 14 में से सात पंचायतें रेड जोन में

सलूणी में नशे का रेड अलर्ट, 14 में से सात पंचायतें रेड जोन में

उपमंडल में नशे का बढ़ता जाल चिंता का कारण बनता जा रहा है। चिट्टे और अन्य नशों की चपेट में युवा वर्ग के आने की बढ़ती शिकायतों के बीच उपमंडल की 14 पंचायतों में से सात पंचायतें रेड जोन और तीन पंचायतें येलो जोन में पहुंच गई हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए अब पंचायत स्तर पर नशे के खिलाफ अभियान को तेज करने का फैसला लिया गया है।
करवाल वार्ड से जिला परिषद सदस्य अंशुल जरयाल ने कहा कि क्षेत्र में नशे की समस्या लगातार पैर पसार रही है। कई पंचायतों के युवा चिट्टे और अन्य नशों की गिरफ्त में आते जा रहे हैं। चिंता की बात यह है कि पंचायत स्तर पर नशे की स्थिति को लेकर अभी तक अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है। कई पंचायत प्रधानों को भी यह जानकारी नहीं है कि उनकी पंचायत में कितने युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं। अब नशे के खिलाफ अभियान को पंचायत स्तर तक पहुंचाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन प्रत्येक पंचायत में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ ही नशे की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जाएगी।

उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि यदि किसी युवा के चिट्टा या अन्य नशे का सेवन करने की जानकारी है तो इसकी सूचना जरूर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य युवाओं को बदनाम करना नहीं, बल्कि नशे के दलदल में फंसने से पहले उन्हें बचाना और उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन के भरोसे नहीं लड़ी जा सकती। पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों, युवाओं और स्थानीय लोगों को मिलकर जिम्मेदारी उठानी होगी।