सड़कें बंद, राशन खत्म, चुराह की 5,000 आबादी पर गहराया संकट

भोजन और दवाइयों की कमी से बच्चों और बुजुर्गों की हालत काफी खराब  उपमंडल चुराह की चांजू और देहरा पंचायतों के ग्रामीण बीते दस दिनों से सड़क बंद...

सड़कें बंद, राशन खत्म, चुराह की 5,000 आबादी पर गहराया संकट

सड़कें बंद, राशन खत्म, चुराह की 5,000 आबादी पर गहराया संकट

भोजन और दवाइयों की कमी से बच्चों और बुजुर्गों की हालत काफी खराब 

उपमंडल चुराह की चांजू और देहरा पंचायतों के ग्रामीण बीते दस दिनों से सड़क बंद होने के कारण गहरे संकट का सामना कर रहे हैं। भारी भूस्खलन के चलते मुख्य मार्ग अवरुद्ध होने से यह क्षेत्र बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट चुका है। इसका सीधा असर यहां रहने वाली लगभग 5,000 की आबादी पर पड़ा है, जो अब राशन, दवाइयों और अन्य बुनियादी जरूरतों से वंचित हो चुकी है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों का कहना है कि दुकानों में रखे राशन के आखिरी स्टॉक भी खत्म हो चुके हैं। कई परिवार अब उधार या आस-पड़ोस की मदद से गुजारा कर रहे हैं। भोजन की कमी से बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के अनुसार इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी ठप 

इलाके में दवाइयों की आपूर्ति लंबे समय से ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि बीमार और बुजुर्गों को समय पर इलाज और दवाइयां न मिलने के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी ठप पड़ी है। स्कूली बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। वहीं कई लोग रोज़गार के लिए बाहर नहीं जा पा रहे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी चरमराने लगी है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार, बचन सिंह, दलीप कुमार, संजीव कुमार और प्रमोद कुमार ने बताया कि अब तक प्रशासन या सरकार की ओर से कोई राहत सामग्री नहीं पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क बहाली, राशन, दवाइयों और आवश्यक वस्तुएं भेजने की मांग की है। साथ ही भविष्य में इस तरह की आपदाओं से निपटने के लिए स्थायी समाधान और तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया है।