चंबा के 13, मंडी के 4 और कुल्लू के 2 आपदा प्रभावित लोगों ने PM मोदी को सुनाया अपना दुखड़ा हिमाचल में आई आपदा से प्रभावित लोगों से पीएम मोदी न...
आपदा प्रभावितों का दर्द सुनकर नम हो गईं प्रधानमंत्री की आंखें, दिया हर मदद का आश्वासन
चंबा के 13, मंडी के 4 और कुल्लू के 2 आपदा प्रभावित लोगों ने PM मोदी को सुनाया अपना दुखड़ा
हिमाचल में आई आपदा से प्रभावित लोगों से पीएम मोदी ने धर्मशाला में मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बात की और उनकी दुख तकलीफों को जाना। प्रभावितों का दर्द सुनकर प्रधानमंत्री की आंखें भी नम हो गईं। जिला चंबा के 13, मंडी के 4 और कुल्लू के 2 आपदा प्रभावित लोगों ने भी अपना दुखड़ा सुनाया। प्रभावितों ने बताया कि भारी बारिश ने उनका सब कुछ छीन लिया। उनकी आंखों के सामने भूस्खलन से उनके आशियाने जमींदोज हो गए। अब वे पंचायत घर और अस्थायी शेड में रहने के लिए मजबूर हैं। उनकी मदद की जाए। प्रधानमंत्री ने प्रभावितों की समस्याओं को सुना और हरसंभव सहायता करने का आश्वासन दिया।
प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित सभी लोगों की बातों को ध्यान से सुना और इससे निपटने का दिया आश्वासन
चंबा के मैहला के सुतांह गांव के संजय कुमार ने कहा कि घर के ऊपर चट्टान गिरने से दामाद और बेटी की मौत हो गई। घर पूरी तरह दब गया है। अब हम पंचायत घर में रह रहे हैं। अब आप सहायता करें। कुल्लू जिला से आपदा प्रभावित पतलीकूहल के बनोन निवासी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी पतलीकूहल में ब्यास नदी की बाढ़ में आठ बीघा जमीन बह गई। उनके सेब, प्लम, आडू व जापानी फल के करीब 300 पौधे बह गए हैं। कौश के करीब 200 पेड़ भी ब्यास में समा गए। इस पर मोदी ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार मिलकर आपदा प्रभावित लोगों की भरपूर मदद करेगी। सुरेंद्र ने कहा कि उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वह पीएम मोदी से मिलेंगे। कहा कि प्रधानमंत्री ने आपदा प्रभावित सभी लोगों की बातों को ध्यान से सुना और इससे निपटने का आश्वासन दिया। उन्होंने पतलीकूहल में ब्यास किनारे आरसीसी की सुरक्षा दीवार लगाने की बात कही।
कृष्णा देवी ने पीएम के समक्ष बहू को नौकरी देने की उठाई मांग
मंडी शहर के जेल रोड निवासी आपदा प्रभावित कृष्णा देवी ने पीएम के समक्ष परिवार के पालन पोषण के लिए बहू को नौकरी देने की मांग उठाई। जेल रोड में बरपी आपदा में कृष्णा देवी ने बेटे, बहू व पोते को खोया है। कृष्णा ने बताया कि पीएम ने आश्वासन दिया कि वह प्रभावितों की हरसंभव मदद करेंगे। जिन लोगों के मकान, जमीनें प्रभावित हुई है, उन्हें दोबारा बसाने के प्रबंध किए जाएंगे। जिन आपदा प्रभावितों को अभी तक कोई राहत नहीं मिली है, उन्हें शीघ्र राहत राशि दी जाएगी। कृष्णा ने कहा कि बड़े बेटे की आपदा में टांग टूट चुकी है। उसकी पत्नी, बेटा व छोटा भाई आपदा में बह गए हैं। घर में अब केवल छोटी बहू व उसके बच्चे हैं।