जिला चंबा में पिछले दो दिनों के दौरान सूर्यदेव के आग उगलने से तापमान 36 डिग्री सेल्सियस को छू गया है। गर्मी से परेशान लोग वातानूकूलित उपकरणों का सहारा...
आग उगलने लगा सूरज; चंबा में गर्मी के कहर से तापमान 36 डिग्री पार
जिला चंबा में पिछले दो दिनों के दौरान सूर्यदेव के आग उगलने से तापमान 36 डिग्री सेल्सियस को छू गया है। गर्मी से परेशान लोग वातानूकूलित उपकरणों का सहारा ले रहे हैं। दोपहर बारह बजे बाद प्रचंड गर्मी के चलते लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसके चलते दोपहर बाद शहर के बाजारों में वीरानी देने को मिल रही हैं। गर्मी के बढ़े प्रकोप के चलते शहर का कारोबार भी प्रभावित होकर रह गया है।
चंबा जिला में पिछले दो-तीनों से गर्मी के प्रचंड रूप धारण कर लेने से लोग पसीने से तर-बितर हो उठे हैं। इसके चलते शहर में शीतल पेयजल पदार्थो की डिमांड में भी एकदम उछाल आ गया है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के चलते शहर के बाजारों में दोपहर बाद कफ्र्यू जैसे हालात पैदा होकर रह गए हैं। लोग सुबह-शाम ही खरीददारी के लिए बाजार का रूख कर रहे हैं। जिला में झुलसाने वाली गर्मी के चलते सब्जियों व नकदी फसलें भी मुरझानी आरंभ हो गई हैं। किसानों व बागवानों को रोजाना अपनी फसलों को पानी लगाना पड रहा है। किसानों का गर्मी के चलते खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है। भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर नौनिहालों और बुजुर्गों पर पड रहा है। गर्मी के कारण छोटे बच्चों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है और कई बच्चे बीमार भी पडने लगे हैं। बुजुर्गों को भी गर्म हवाओं और उमस से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूल की टाइमिंग बदलो
स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए भी यह मौसम परेशानी का कारण बना हुआ है। दोपहर बाद स्कूलों की छुट्टी होने पर घर पहुंचने तक बच्चे गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। ऐसे में कई अभिभावकों ने स्कूलों के समय में बदलाव करने की मांग उठाई है ताकि बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और न होने दें शरीर में पानी की कमी
मेडिकल कालेज के प्रवक्ता डा. मानिक सहगल ने भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचना चाहिए। बाहर जाते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। उन्होंने कहा कि कि गर्मी में ज्यादा से ज्यादा पानी, नींबू पानी, छाछ और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि तेज गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। लोग हल्के और सूती कपड़े पहनें।