मानसून की लगातार हो रही बारिश ने चंबा जिले में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। भू...
34 सडक़ें बंद, बिजली और पानी की व्यवस्था चरमराई
मानसून की लगातार हो रही बारिश ने चंबा जिले में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के कारण सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। भूस्खलन और अन्य नुकसान से संबंधित विभागों को लाखों रुपये की क्षति हुई है। गुरुवार को जिले में विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन के चलते 34 सडक़ें यातायात के लिए बंद रहीं। इनमें चंबा की 11, भरमौर की 15, सलूणी की 4 तथा तीसा और पांगी की 2-2 सडक़ें शामिल हैं। लोक निर्माण विभाग ने युद्धस्तर पर बहाली कार्य शुरू किया और शाम तक 27 सडक़ें दोबारा खोल दीं। हालांकि, 7 सडक़ें अभी भी बंद हैं, जिनमें भरमौर की 3, सलूणी की 2 और पांगी की 2 सडक़ें शामिल हैं। बारिश और भूस्खलन के कारण बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
बिजली की तारें क्षतिग्रस्त होने से जिले के 19 ट्रांसफार्मर बंद हो गए, जिससे कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली बोर्ड ने शाम तक 11 ट्रांसफार्मरों को बहाल कर दिया, जबकि शेष 8 ट्रांसफार्मरों को चालू करने का कार्य जारी है। जलशक्ति विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। जिले की 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें सबसे अधिक 30 योजनाएं तीसा क्षेत्र की हैं। विभाग ने शाम तक 10 योजनाओं को बहाल कर दिया है, जबकि 27 योजनाओं की मरम्मत का कार्य जारी है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में सडक़, बिजली और पेयजल व्यवस्था को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।