राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनीखेत में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उददेश्य से नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोज...
बनीखेत में नशे के दुष्प्रभाव पर छात्रों का बढ़ाया ज्ञान
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बनीखेत में युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज में जागरूकता फैलाने के उददेश्य से नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पुलिस विभाग, न्यायिक विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों, कानूनी परिणामों तथा इससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में नशा समाज के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। विशेष रूप से युवा वर्ग तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है, जिससे न केवल उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है बल्कि परिवार और समाज भी इसकी वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए कहा कि नशा किसी भी समस्या का समाधान नहीं बल्कि जीवन को अंधकार की ओर ले जाने वाला रास्ता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चिटटा, हेरोइन, शराब, तंबाकू, स्मैक और अन्य मादक पदार्थ युवाओं के स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। नशे की लत लगने के बाद व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर होने लगता है। इससे स्मरण शक्ति कम होना, तनाव, अवसाद, गुस्सा, अनिद्रा और आत्मविश्वास में कमी जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। लंबे समय तक नशे का सेवन करने से हृदय रोग, फेफडों की बीमारी, लीवर खराब होना और मानसिक संतुलन बिगडने का खतरा भी बढ जाता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि नशे की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे से जुडे कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और सेवन कानूनन अपराध है। नशे के मामलों में पकडे जाने पर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
नशे से बचाव के उपाय
शिविर में बच्चों को नशे से बचने के कई महत्वपूर्ण उपाय भी बताए गए। अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को खेलकूद, योग, संगीत और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेना चाहिए ताकि उनका ध्यान सकारात्मक दिशा में बना रहे। माता-पिता और शिक्षकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करने की सलाह दी गई। पाठशाला स्टाफ के अलावा काफी तादाद में छात्र मौजूद रहे।