विश्वप्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के राधाष्टमी शाही स्नान के लिए दशनाम जूना अखाड़ा की छड़ी धार्मिक परंपरा के अनुसार 12 सितंबर को चंबा मुख्यालय से रवान...
शाही स्नान से पहले मणिमहेश जाएगी छड़ी यात्रा
विश्वप्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के राधाष्टमी शाही स्नान के लिए दशनाम जूना अखाड़ा की छड़ी धार्मिक परंपरा के अनुसार 12 सितंबर को चंबा मुख्यालय से रवाना होगी। छह दिवसीय पैदल यात्रा के बाद छड़ी 18 सितंबर की शाम मणिमहेश डल झील पहुंचेगी। छड़ी यात्रा की तैयारियों को लेकर बुधवार को एसडीएम सदर चिराग शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक स्तर पर किए जाने वाले प्रबंधों को लेकर चर्चा की गई। एसडीएम चिराग शर्मा ने बताया कि 12 सितंबर को दोपहर बाद चंबा शहर के रामगढ़ मोहल्ला स्थित दशनाम अखाड़ा में भगवान दत्तात्रेय की पूजा-अर्चना के बाद छड़ी को मणिमहेश के लिए रवाना किया जाएगा। पहले दिन छड़ी यात्रा का रात्रि विश्राम श्री राधाकृष्ण मंदिर जुलाहकड़ी में होगा।
इसके बाद छड़ी विभिन्न पड़ावों पर रात्रि विश्राम करते हुए 18 सितंबर की शाम मणिमहेश डल पहुंचेगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छड़ी यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दशनाम छड़ी यात्रा का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रीनगर से निकलने वाली दशनाम छड़ी यात्रा की तरह ही मणिमहेश की यह छड़ी यात्रा भी सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से साधु-संत हिस्सा लेते हैं। रियासतकाल से दशनाम अखाड़ा चंबा इस धार्मिक परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस छड़ी को भगवान शंकर का अंश माना जाता है। बैठक में दशनाम अखाड़ा के महंत यतिंद्र गिरि, तहसीलदार सदर भूपेंद्र कश्यप, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, जलशक्ति विभाग के एसडीओ दीपक भारद्वाज, नगर परिषद की कनिष्ठ अभियंता नितिका ठाकुर सहित मंदिर कमेटी के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।