हरदासपुरा-सुराडा सडक़ पर जगह-जगह गिरे पेड

शहर के हरदासपुरा-सुराडा-टीबी वार्ड मार्ग के उपरी हिस्से पर पिछली बरसात के दौरान जगह-जगह गिरे पेड हादसे को न्यौता दे रहे हैं। हालात यह है कि वन विभाग क...

हरदासपुरा-सुराडा सडक़ पर जगह-जगह गिरे पेड

हरदासपुरा-सुराडा सडक़ पर जगह-जगह गिरे पेड

शहर के हरदासपुरा-सुराडा-टीबी वार्ड मार्ग के उपरी हिस्से पर पिछली बरसात के दौरान जगह-जगह गिरे पेड हादसे को न्यौता दे रहे हैं। हालात यह है कि वन विभाग की ओर से अभी तक इन पेडों को हटाया नहीं गया है। ऐसे में कभी भी बारिश व हवा चलने पर यह पेड उखडकर नीचे मार्ग पर गिर सकते हैं। समाजसेवी भूपिंद्र जसरोटिया ने बताया कि वन विभाग की यह लापरवाही कभी भी कुल्लू जिला के आनी में पिछले दिनों पेश आई घटना की पुर्नावृत्ति कर सकती है। जहां वाहन पर सूखा पेड गिरने से चार शिक्षिकाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी।

उन्होंने बताया कि बरसात का मौसम आने के लिए मात्र डेढ माह का समय शेष बचा है। यह सूखे पेड फिर से भूस्खलन होने पर हादसे का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही सूखे पेड ही जंगलों में आग लगने पर ज्यादा नुक्सान करते हैं क्योंकि आग लगने पर देरी से बुझते हैं। इस कारण ज्यादा वन संपदा का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि वह इस मुददे को लेकर वन विभाग से बातचीत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने सडक किनारे के पेडों को जेसीबी मशीनों के सहयोग से हटा दिया है।