बिजली ठप, अंधेरे में डूबी पांगी घाटी

जनजातीय उपमंडल पांगी के साच पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते पांगी घाटी अंधेरे में डूब गई। बिजली आपूर्ति ठप्प हो...

बिजली ठप, अंधेरे में डूबी पांगी घाटी

बिजली ठप, अंधेरे में डूबी पांगी घाटी

जनजातीय उपमंडल पांगी के साच पावर हाउस में तकनीकी खराबी आने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते पांगी घाटी अंधेरे में डूब गई। बिजली आपूर्ति ठप्प होने से पांगी की करीब 24 हजार आबादी को दिक्कतें झेलनी पड रही हैं। जानकारी के अनुसार बुधवार को साच पावर हाउस की मुख्य टरबाइन में खराबी आ गई। इसके चलते बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया। पांगी में बिजली आपूर्ति ठप होने से जहां आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होकर रह गया है वहीं सरकारी कार्यालयों में कामकाज बाधित हो रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं भी प्रभावित हो रही है। किलाड स्थित हिमाचल पथ परिवहन निगम के सब डिपो में बिजली से चलने वाला हाइड्रोलिक डीजल पंप बंद होने से डीजल भरने का काम ठप होने से घाटी में परिवहन सेवाओं पर भी संकट मंडराने लगा है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मार्च-अप्रैल में भी इस पावर हाउस की मुख्य चैनल में खराबी आने के कारण लोगों को करीब तीन सप्ताह तक अंधेरे का सामना करना पडा था।

बिजली बहाली में लग सकता है समय
उधर, बिजली बोर्ड साच पांगी के सहायक अभियंता हेम राणा ने बताया साच पावर हाउस में तकनीकी खराबी को दूर करने के लिए मशीन के कुछ पार्ट मंगवाए गए हैं। इसके चलते बिजली आपूर्ति बहाल होने में समय लग सकता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल धनवास सोलर प्लांट को प्राथमिकता दी जा रही है,ताकि जल्द से जल्द लोगों को बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।

चंबा- तीसा मार्ग पर क्रेश बेरियर नहीं
चंबा। चंबा- तीसा मार्ग पर राठघार के संवेदनशील हिस्से पर क्रेश बेरियर न होने से कभी भी सावधानी हटी दुर्घटना घटी वाली कहावत की पुर्नावृत्ति हो सकती है। मार्ग के हिस्से पर पूर्व में सरपट दौडते दो दोपहिया वाहन रावी नदी में समाने से दो लोग अकारण ही मौत का ग्रास भी बन चुके हैं। इन घटनाओं के बाद इस संवेदनशीन हिस्से पर ड्रम रखे गए थे, लेकिन अब वे भी हटा लिए गए हैं। मौमिन, अंकू, हरीश, रितेश, मुसदी राम, दीना, रियाज, संजीव, विनोद व प्रवीन आदि ने बताया कि इस मार्ग पर तीसा व सलूणी से आने- जाने वाले हजारों लोग वाहनों के जरिए सफर करते हैं।

मगर राठघार का यह बिना क्रेश बेरिकेडस का संवेदनशील प्वाईंट दोबारा हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने बताया कि मार्ग पर सरपट दौडते दोपहिया वाहन चालक किसी भी वक्त धोखा खा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस हिस्से में कई हादसे घटित हो चुके हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से राठघार के समीप मार्ग के संवेदनशील हिस्से पर क्रेश बेरिकेडस की सुरक्षा दीवार लगाकर किसी भी तरह के हादसे की संभावना को शून्य कर लोगों के सफर को सुरक्षित बनाने का आग्रह किया है।