पहाड़ टूटा, सपना बिखर गया

लनौट पंचायत के डेढ़ साल की पोती को गोद में उठाकर नारद ने भागकर बचाई जान परिवार के सदस्यों को भी किया सचेत, पहाड़ी से आए मलबे में छह कमरों का मकान...

पहाड़ टूटा, सपना बिखर गया

पहाड़ टूटा, सपना बिखर गया

लनौट पंचायत के डेढ़ साल की पोती को गोद में उठाकर नारद ने भागकर बचाई जान परिवार के सदस्यों को भी किया सचेत, पहाड़ी से आए मलबे में छह कमरों का मकान ध्वस्त
बोले- आंखों के सामने उजड़ गया आशियाना, नौ लाख रुपये के नुकसान का अनुमान

पहाड़ की खामोशी उस दिन अचानक टूट गई और कुछ ही मिनटों में लनौट पंचायत की ढलानों से उतरता मलबा एक परिवार की पूरी उम्र की कमाई को निगल गया। जिस घर में जीवन बसता था, वहां पलभर में तबाही का सन्नाटा फैल गया। डेढ़ साल की मासूम को गोद में लेकर भागते परिवार की यह दौड़ उस हादसे की गवाही बन गई जिसमें आशियाना आंखों के सामने मिट्टी में बदल गया। सलूणी (चंबा)। उपमंडल की लनौट पंचायत में जिस घर में परिवार चैन की जिंदगी जी रहा था, वह चंद मिनटों में ही मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। बुधवार को बारिश के बीच पहाड़ी से आए मलबे के सैलाब ने नारद पुत्र लक्ष्मण के छह कमरों के मकान को चपेट में ले लिया। परिवार ने किसी तरह डेढ़ वर्ष की मासूम पोती को गोद में उठाकर भागकर जान बचाई लेकिन जीवनभर की कमाई मलबे में दब गई।